Friday, June 19, 2026
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यूपी में पहली बार प्रधान की होगी प्रशासक पद पर नियुक्ति, विधानसभा चुनाव के बाद होंगे पंचायत चुनाव!

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी प्रशासनिक तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पहली बार ग्राम प्रधानों को सीधे तौर पर “प्रशासक” के रूप में नियुक्त करने की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि पंचायत चुनाव अब आगामी विधानसभा चुनाव के बाद ही कराए जाएंगे।

सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश की हजारों ग्राम पंचायतों का कार्यकाल अगले साल खत्म होने जा रहा है। परिसीमन, आरक्षण प्रक्रिया और मतदाता सूची पुनरीक्षण में लगने वाले समय को देखते हुए सरकार पंचायत चुनाव टालने के विकल्प पर काम कर रही है। ऐसे में पंचायतों के प्रशासनिक कामकाज को जारी रखने के लिए ग्राम प्रधानों या प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशासक बनाया जा सकता है।


जानकारी के अनुसार, अब तक पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने पर एडीओ पंचायत या संबंधित प्रशासनिक अधिकारी कामकाज संभालते थे, लेकिन इस बार सरकार ग्राम प्रधानों को ही सीमित अधिकारों के साथ प्रशासक नियुक्त करने पर विचार कर रही है। अगर ऐसा होता है तो यह प्रदेश के पंचायत इतिहास में पहली बार होगा।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार विधानसभा चुनाव से पहले किसी बड़े ग्रामीण राजनीतिक समीकरण में बदलाव नहीं चाहती। पंचायत चुनाव को विधानसभा चुनाव के बाद कराने से प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर सरकार को तैयारी का समय मिलेगा।


वहीं विपक्षी दलों ने इस संभावित फैसले पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि पंचायत चुनाव समय पर कराना लोकतांत्रिक व्यवस्था की जरूरत है और चुनाव टालना ग्रामीण जनता के अधिकारों को प्रभावित कर सकता है।

हालांकि, राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन पंचायत विभाग और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज होने से अटकलों का बाजार गर्म है।

क्या हो सकता है आगे?

पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रशासक नियुक्ति
परिसीमन और आरक्षण प्रक्रिया में तेजी
विधानसभा चुनाव के बाद पंचायत चुनाव की संभावना
ग्रामीण विकास योजनाओं की निगरानी प्रशासकों के जरिए

राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हैं और आने वाले दिनों में सरकार की ओर से बड़ा फैसला सामने आ सकता है।

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